बचपन से सुनता आया हूँ की इश्वर प्रेम का और श्रधा का भूका होता है हीरे और जवाहारात का नहीं.,मगर पिछले दिनों जब दो महीने बाद भगवान् सत्य साईं की मृत्यु के बाद जब उनका विशेष कक्ष खोला गया तो हमेशा से सुनते उस कथन पर संदेह होने लगा.
कयास तो यही लगाया जा रहा था के कुछ न कुछ चौकाने वाला दृश्य होगा ही,और ठीक उसी तरह आशा के अनुरूप खबर वैसी हे दिखी. ३८ करोड़ की संपत्ति ,हीरे जवाहारात,विदेशी मुद्रा आदि का भंडार उस बायोमैट्रिक कक्ष में मौजूद था.
अब इसे भगवान् की श्रधा कहे या उनका पूँजी प्रेम ये समझ से बाहर है.
उनके इस कक्ष को उनके उँगलियों के निशाँ से हे खोला जा सकता था,और उनके करीबी सत्यजीत को छोड़कर और किसी को जाने की इजाज़त नहीं थी.
खैर जो भी हो,सच तो यही है की बाबा के जीवन में विवादों के साथ साथ उनका चमत्कारी तेज भी बढ़ता रहा.
शायद इसलिए उनकी मृत्य की खबर से पुरे विश्व में शोक की लहर दौड़ गयी और आज भी उनकी तस्वीर को रखकर उनके भक्त पूजा अर्चना करते हैं.
बहरहाल मै बाबा की विश्वश्नियता पर कोई सवाल नहीं उठाना चाहता !
मुझे इस समय कार्ल मार्क्स की पढ़ी हुई एक बात याद आ रही है की "धर्म एक अफीम की तरह होता है जो थोड़ी देर के लिए राहत देती है."
आज हर व्यक्ति अपने आप में परेशान या यूं कहिये शान्ति की चाह में अँधा हो चूका है.
और इसका फ़ायदा नित्य प्रतिदिन उपज रहे बाबा और ट्रस्ट उठा रहे हैं.
श्रधा की आड़ में भ्रस्ट राजनेता और उद्योगपति इन ट्रस्टों में अपना पैसा जमा कर देते हैं .जहा उनका धन महफूज़ रहता है.
इससे, जहाँ एक ओर टैक्स की चोरी खुले आम घर में हे होती है,तो दूसरी तरफ इस धन के जायज़ नाजायज़ होने की राजनीती में मार काट,भड़काऊ भाषण,अपराध ,खून खराबा अलग.
आम जनता की आँखों पर इस तरह से धर्म का पर्दा डाल दिया जाता है की वो क्या सही क्या ग़लत इस पर विचार हे नहीं कर सकती है.
कारणवश
आज धर्म ,धर्म ना रहकर पैसे छिपाने का बैंक और राजनीति की कारखाना होता जा रहा है.
दुर्भाग्यपूर्ण ये है की इस सुनियोजित बहस में पड़कर देश और जनता का समय तो बर्बाद होता हे है साथ साथ मुख्य कार्य पीछे छूट जाते हैं.
पहले के मुकाबले आज जनता का विवेक कही जागा है,बस ज़रुरत है तो उसे निखारने की .
बेहतर यही होगा की किसी भी चीज़ खासकर धर्म में अँधा लीन नहीं होना चाहिए,और क्या सही क्या ग़लत का फर्क देखने का ज़ेहन रखना होगा .
इससे अपना भी भला होगा और शायद देश का भी कुछ भला हो जाय!!!!
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